प्रदेश में खुलेंगे 10 सितंबर से मंदिर, जिला स्तर पर विभिन्न विभागों की बैठके संपन्न। आर्थिक मंदी की मार झेल रहे दुकानदारों को मंदिर खुलने से मिलेगी राहत:

कांगड़ा, ब्यूरो

उपमंडल अधिकारी कांगड़ा अभिषेक वर्मा की अध्यक्षता में आज कांगड़ा मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए 10 सितंबर से खोलने के निर्देश जारी होने के चलते मीटिंग आयोजित की गई, राज्य सरकार के आदेश अनुसार केबिनेट में हुई मीटिंग में 10 सितंबर 2020 से मंदिरों को खोलने के आदेश दे दिए गए हैं।

परंतु जिलो में आखिरी स्तर पर इसका पूर्ण रूप से आदेश डीसी ऑफिस द्वारा जिला उपायुक्त महोदय ही जारी करेंगे।

इसी कारण मंदिर 10 तारीक से खुलेंगे या नहीं सभी जिलों के डीसी महोदय के निर्देश आने के बाद तय किया जाएगा, मंदिर खुलने और बंद होने का क्या समय रहेगा यह भी जिला उपायुक्त द्वारा ही तय किया जाएगा।

इस मीटिंग में उप मंडल अधिकारी अभिषेक वर्मा ने ट्रस्ट के सदस्यों तथा अन्य विभागों के साथ मंदिर को खोलने के लिए जरूरी गाइडलाइन के बारे में बातचीत की और चर्चा की, कि श्रद्धालुओं को मन्दिर में किस रास्ते से प्रवेश करना है और किस रास्ते मन्दिर से बाहर जाना है।

मंदिर मार्ग शुरू होते ही प्रत्येक 6 फीट की दूरी पर गोले बनाए जाएंगे अथवा यह गोले मंदिर तक होंगे।

मंदिर के गर्भ गृह में जाने की पूर्ण रूप से मनाही रहेगी, श्रद्धालु गर्भ गृह के बाहर से दर्शन करेंगे।

श्रद्धालुओं के लिए घंटी बजाना, माथा टेकना, किसी भी मूर्ति या अन्य जगहों को छूने की पूर्णतः मनाही रहेगी।

सभी के लिए मंदिर में प्रवेश करते समय मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा, श्रद्धालुओं का तापमान मंदिर के एंट्री प्वाइंट पर चेक किया जाएगा और यदि किसी का तापमान अधिक आता है तो उसके लिए एक आइसोलेशन रूम बनाया जाएगा जिसमें स्वास्थ्य कर्मी रहेंगे उनके द्वारा उस व्यक्ति की जांच की जाएगी।

10 साल से कम उम्र के बच्चों और 65 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए अभी मंदिर आने की मनाही रहेगी, किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को भी मंदिर में प्रवेश करने की इजाजत नहीं मिलेगी।

प्रत्येक दिन मन्दिर की सारी बैरीगेटिंग को सैनिटाइज किया जाएगा।

दुकानदारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उप मंडल अधिकारी अभिषेक वर्मा ने कहा कि मीटिंग में दुकानदारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रसाद श्रद्धालु मंदिर में ला सकते हैं या नहीं इस विषय पर भी चर्चा हुई, जिसके बारे में अंतिम निर्णय अब कांगड़ा जिलाधीश द्वारा लिया जाएगा।

इस मीटिंग में उप मंडल अधिकारी अभिषेक वर्मा, तहसीलदार विजय कुमार सांगा, मंदिर ट्रस्ट के सदस्य, प्रधान पुजारी सभा रामप्रसाद शर्मा, एस एम ओ कांगड़ा विवेक करोल, बीएमओ कांगड़ा की तरफ से डॉक्टर गरिमा सारिका, पीडब्ल्यूडी की तरफ से अधिकारी , फायर विभाग की तरफ से इंचार्ज कांगड़ा मदन सिंह, आईपीएच की तरफ से जेई बलजिंदर तथा अन्य अधिकारी इस मीटिंग में मौजूद रहे।

उप मंडल अध्यक्ष ने कहा कि मंदिर खोलना सभी के लिए बहुत हर्ष की बात है यदि मंदिर खुलते हैं तो हम सब का यह कर्तव्य बनता है कि हम पूरी गाइडलाइंस को अपनाएं।जिससे कोई भी ऐसी स्थिति ना बन पाए जिससे मंदिरों को पुनः बंद करना पड़े।

इसलिए मंदिर यदि खुलते हैं तो सही और सुचारू रूप से चलाने के लिए गाइडलाइंस का पालन करें, उन्होंने कहा कि उन्हें सभी विभागों के अधिकारियों का सहयोग चाहिए जिससे कि जो भी गाइडलाइन बनाई जाती हैं उनका सही तरीके से श्रद्धालुओं और अन्य सभी से पालन करवाया जा सके।

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